108 Mantras Jaap
गायत्री मंत्र
Om Bhoor Bhuvah Swah, Tat Savitur Varenyam, Bhargo Devasya Dheemahi, Dhiyo Yo Nah Prachodayat.
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥
Om Bhoor Bhuvah Swah, Tat Savitur Varenyam, Bhargo Devasya Dheemahi, Dhiyo Yo Nah Prachodayat.
अर्थ
हम उस परम दिव्य सविता देव के तेज का ध्यान करते हैं, जो समस्त सृष्टि के प्रकाश एवं जीवन का स्रोत हैं। वे हमारी बुद्धि को सत्य, ज्ञान और धर्म के मार्ग पर प्रेरित करें।
लाभ
बुद्धि एवं एकाग्रता में वृद्धि होती है। मन को शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। आध्यात्मिक उन्नति में सहायक माना जाता है। तनाव एवं मानसिक अशांति को कम करने में सहायक है। सद्बुद्धि एवं विवेक का विकास करता है। नियमित जप से आत्मिक शक्ति एवं आत्मविश्वास बढ़ता है।
इस मंत्र के बारे में
गायत्री मंत्र ऋग्वेद का एक अत्यंत पवित्र एवं शक्तिशाली वैदिक मंत्र है। यह भगवान सविता (सूर्य के दिव्य स्वरूप) को समर्पित है। सनातन धर्म में इसे ज्ञान, प्रकाश, आत्मशुद्धि तथा आध्यात्मिक जागरण का मंत्र माना जाता है। श्रद्धा एवं नियमित जप से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच तथा आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होने का विश्वास है।
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