नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का सम्पूर्ण इतिहास, महत्व, कथा और पूजा विधि | Jyotirling.com

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात के द्वारका क्षेत्र में स्थित भगवान शिव का पवित्र धाम है, जो सर्प भय, विष बाधा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ जानिए नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतिहास, पौराणिक कथा, पूजा विधि, दर्शन समय और Jyotirling.com के माध्यम से घर बैठे पूजा करवाने की संपूर्ण जानकारी।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का सम्पूर्ण इतिहास, महत्व, कथा और पूजा विधि | Jyotirling.com

परिचय: जहाँ नागों के स्वामी विराजते हैं महादेव

सनातन धर्म में नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उस स्थान का प्रतीक है जहाँ
भगवान शिव नागों के स्वामी और रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं।

यह धाम यह संदेश देता है कि
भय, विष और अंधकार — शिव की शरण में समाप्त हो जाते हैं।


नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का नाम और अर्थ

  • ज्योतिर्लिंग का नाम: नागेश्वर

  • अर्थ:

    • नाग = सर्प

    • ईश्वर = स्वामी

???? अर्थात सभी नागों के अधिपति भगवान शिव

  • शिव का स्वरूप: स्वयंभू ज्योतिर्लिंग

  • विशेष पहचान: सर्प दोष और विष बाधा निवारण


भौगोलिक स्थिति और स्थान विवरण

  • राज्य: गुजरात

  • क्षेत्र: द्वारका

  • निकटतम शहर: द्वारका

  • समुद्र: अरब सागर के निकट

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: द्वारका

  • निकटतम एयरपोर्ट: जामनगर

यह ज्योतिर्लिंग द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की भूमि के समीप स्थित है।


पौराणिक कथा: भक्त सुप्रिय और असुर दारुक

शिव पुराण के अनुसार,
दारुक नामक असुर ने समुद्र के समीप
अनेक भक्तों को बंदी बना लिया था।

उनमें से एक सुप्रिय नामक शिव भक्त
निरंतर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करता था।

उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर
भगवान शिव यहाँ प्रकट हुए,
दारुक का वध किया
और इस स्थान पर नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हुए।


नाग और शिव का संबंध

  • शिव के गले में वासुकी नाग

  • नाग = ऊर्जा और कुंडलिनी शक्ति

  • नागेश्वर = भय पर नियंत्रण

यह ज्योतिर्लिंग
कुंडलिनी जागरण और भय निवारण से जुड़ा माना जाता है।


ऐतिहासिक महत्व

  • प्राचीन ग्रंथों में नागेश्वर का उल्लेख

  • गुजरात के तटीय क्षेत्र में शिव उपासना का केंद्र

  • कृष्ण और शिव परंपरा का संगम

  • आज भी अखंड नाग पूजा की परंपरा


आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा से:

✔️ सर्प भय से मुक्ति
✔️ कालसर्प दोष शांति
✔️ विष बाधा निवारण
✔️ नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
✔️ साहस और आत्मविश्वास

यह धाम विशेष रूप से
भय और दोष निवारण के लिए जाना जाता है।


दर्शन और पूजा विधि

???? दर्शन समय

  • प्रातः आरती

  • मध्याह्न पूजा

  • संध्या आरती

  • रात्रि शयन आरती

???? प्रमुख पूजाएँ

  • नाग दोष शांति पूजा

  • कालसर्प दोष पूजा

  • रुद्राभिषेक

  • महामृत्युंजय जाप

  • विशेष नागेश्वर पूजा


प्रमुख पर्व और उत्सव

  • महाशिवरात्रि

  • श्रावण मास

  • नाग पंचमी

नाग पंचमी पर यहाँ
विशेष पूजन और श्रद्धालुओं की भीड़ होती है।


भक्तों की मान्यताएँ और चमत्कार

  • सर्पदंश भय से मुक्ति

  • लंबे समय से चले आ रहे दोष समाप्त

  • मानसिक भय और चिंता में कमी

  • जीवन में सुरक्षा भाव


नागेश्वर जाने का सर्वोत्तम समय

  • अक्टूबर से मार्च (सर्वोत्तम)

  • श्रावण मास (अत्यंत पावन)


Jyotirling.com के माध्यम से नागेश्वर पूजा कैसे कराएँ

यदि आप नागेश्वर स्वयं नहीं जा सकते:

✔️ Jyotirling.com आपकी ओर से मंदिर में पूजा करवाता है
✔️ अनुभवी पंडितों द्वारा शास्त्रसम्मत विधि
✔️ संकल्प आपके नाम से
✔️ चढ़ावा एवं प्रसाद सेवा
✔️ पूजा की जानकारी डिजिटल माध्यम से


NRI भक्तों के लिए विशेष सुविधा

  • English coordination

  • International payment options

  • Time-zone aligned puja

  • Trusted on-ground execution


निष्कर्ष

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग यह सिखाता है कि
जो भय देता है, वही शिव की कृपा से शक्ति बन जाता है।

यदि आपकी श्रद्धा सच्ची है, तो
महादेव स्वयं आपकी रक्षा करते हैं।


???? “नागों के नाथ के चरणों में समर्पण — नागेश्वर धाम”

???? नागेश्वर ज्योतिर्लिंग पूजा बुक करें – Jyotirling.com

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